शीत युद्ध के दौरान शुरू हुई तैनाती अब तक जारी है. इनमें अधिकतर अमेरिकी सैनिक, यूरोपीय सेनाओं को ट्रेनिंग में मदद देने और नेटो का सहयोग करने के लिए तैनात किए जाते हैं.