मोहाली में अपने तीन बच्चों को नहर में फेंकने वाली मां शकुंतला को अंतिम संस्कार के समय बच्चों का मुंह नहीं देखने दिया गया। परिजन ने कहा कि जिसने हत्या की, उसे मुंह देखने का हक नहीं। वह अपने भाई और भाभी के साथ ऑटो में श्मशान घाट पहुंची थी। मुंह न दिखाने पर शकुंतला ने कहा- मैंने कौन सी गलती की है। मैंने खुद भी उनके साथ ही छलांग लगाई थी। मुझे वहां मौजूद लोगों ने देख लिया था और तुरंत नहर से निकाल लिया। इसी कारण मैं बच गई। शंकुतला ने कहा कि जब से उसके पति कमल की मौत हुई है, तब से ससुराल पक्ष उसे परेशान कर रहा है। उसके साथ उसका देवर, सास, ससुर, ननद और नंदोई सभी मारपीट करते हैं। इसी वजह से व