माउंट एवरेस्ट जाने वाले उत्तरी तिब्बत रूट पर तीन दशकों से बर्फ़ में जमे 'ग्रीन बूट्स' पर्वतारोहियों के लिए मौत की पहचान बन चुके हैं.