केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट में उसने कभी भी E20 (एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम को "प्रयोग" (Experiment) नहीं बताया। सरकार ने कहा कि अदालत में केवल यह जानकारी दी गई थी कि एथेनॉल आवंटन से जुड़े समान मामलों की सुनवाई अलग-अलग हाईकोर्ट में चल रही है, जिन्हें एक साथ सुप्रीम कोर्ट में सुनने के लिए ट्रांसफर याचिकाएं दायर की जा रही हैं। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह कदम समान कानूनी सवालों पर अलग-अलग फैसलों से बचने और मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार ने अपने बयान में कहा कि अदालत में किसी भी स्तर पर यह नहीं कहा
भास्कर अपडेट्स:E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई:सुप्रीम कोर्ट में ‘प्रयोग’ नहीं बताया, सोशल मीडिया के दावों को भी बताया गलत
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट में उसने कभी भी E20 (एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) कार्यक्रम को “प्रयोग” (Experiment) नहीं बताया। सरकार ने कहा कि…
