साल 1994 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद जसपाल राणा ने निशानेबाज़ी में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.