रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव का अभी तक कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आया है और भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी बनी हुई है. उन्होंने पाकिस्तान और चीन के बारे में भी अपनी राय रखी.