पिता पंडित थे और खुद कभी दूध बेचता था। उस कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की कहानी का अंत 29 जून को अजमेर जेल में हो गया। जगन देश का पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउंटर की मांग देश की संसद में उठाई गई थी। करीब 10 साल का समय ऐसा था, जब वह राजस्थान सहित यूपी (उत्तर प्रदेश) और एमपी (मध्य प्रदेश) में खौफ का दूसरा नाम बन गया था। जगन पर दर्ज कुल 125 मुकदमों में से आधे से ज्यादा मामले मर्डर, मर्डर के प्रयास, लूट, अपहरण और डकैती के थे। कभी राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का महल (धौलपुर पैलेस) उड़ाने की धमकी देने वाले जगन की बाद में स्थिति यह हो गई थी कि वह 3-3 रुपए या पंचर ठीक से नहीं बनाने जैसी छोटी-
पहला डाकू जिसके एनकाउंटर की मांग संसद में उठी थी:दर्जनों मर्डर करने वाला बाद में 3-3 रुपए के लिए झगड़ने लगा, अब जेल में हत्या
पिता पंडित थे और खुद कभी दूध बेचता था। उस कुख्यात डाकू जगन गुर्जर की कहानी का अंत 29 जून को अजमेर जेल में हो गया। जगन देश का पहला ऐसा डाकू था, जिसके एनकाउं…
