मनोज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेसिव रिविजन यानी एसआईआर अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए.