देश के लगभग सभी बड़े शहरों में 25-60% तक पानी बर्बाद हो रहा है। या तो पेयजल लाइनों में बड़े लीकेज हैं या फिर पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन जोड़ लिए गए हैं। हालात ये हैं कि मुंबई को रोज लगभग 3,850 एमएलडी (मिलियन लीटर रोज) पानी सप्लाई होता है। इसमें से करीब 30% लीकेज माना जाता है। रोज लगभग 1000 एमलडी पानी पाइपलाइन लीकेज व अन्य तरह से बेकार जा रहा है। ये बर्बाद पानी इंदौर-भोपाल की कुल रोजाना जरूरत से भी ज्यादा है। इन दोनों शहरों को रोज 900 एमएलडी ही पानी चाहिए। स्मार्ट सिटी और अमृत 2.0 जैसी परियोजनाओं के तहत 2016 में शहरी निकायों ने सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) प्रोजेक्ट शुरू किया थ