तुगलकाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार को पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने सिर्फ मकानों को नहीं जलाया, बल्कि दर्जनों परिवारों की वर्षों की मेहनत, सपनों और उम्मीदों को भी राख में बदल दिया।
तुगलकाबाद अग्निकांड: राख में बदले सपने, अब सिर्फ उम्मीदों का सहारा; कई लोग गए थे गांव, इसलिए बच गई जान
तुगलकाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार को पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने सिर्फ मकानों को नहीं जलाया, बल्कि दर्जनों परिवारों की वर्षों की मेहनत, सपनों और उम…
