कोर्ट ने 21 अप्रैल 2023 को पुलिस में दाखिल शिकायतों को फैंसी अंदाज में सजी-धजी और तैयार शुदा बताया। धरने से पहले कोई यौन उत्पीड़न का आरोप नहीं था। बाद में चुनिंदा पहलवानों ने समान आरोप लगाए।