सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नंबर प्लेट छिपाना धोखाधड़ी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यह मान लेना गलत है कि किसी व्यक्ति ने चालान भरने से बचने के लिए नंबर प्लेट छिपाई है। यह केवल पुलिस का अनुमान है। 28 जुलाई को एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा- मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के तहत यह जुर्माना लगाने का आधार हो सकता है, लेकिन इसे आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध नहीं माना जा सकता। धोखाधड़ी साबित करने के लिए बेईमानी की नीयत, किसी को प्रेरित करना और संपत्ति का नुकसान होना जरूरी है। क्या था पूरा मामला? याचिकाकर