भारत-चीन सीमा पर 2020 के गलवान संघर्ष के बाद बंद हुआ लिपुलेख व्यापार मार्ग अब फिर खुलने जा रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 300 व्यापारियों की सूची विदेश मंत्रालय को भेजी गई है। बिना वीजा-पासपोर्ट के ट्रेड पास के जरिए व्यापारी तिब्बत के तकलाकोट बाजार तक पहुंचेंगे। खास बात यह है कि इस बार पहली बार सीमा तक सड़क पहुंचने से सामान घोड़े-खच्चरों की बजाय वाहनों से जाएगा। सदियों पुराने इस व्यापारिक रास्ते का इतिहास सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि हिमालयी सभ्यताओं के रिश्तों से भी जुड़ा है। कभी तिब्बती व्यापारी याक और भेड़ों के काफिलों के साथ नमक, ऊन और बोरेक्स लेकर भारत आते थे, जबकि भार