कर्नाटक अब उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाद देश का तीसरा राज्य बन गया है जिसने करीब 1 करोड़ मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाया है. ये मजदूर 83 अलग-अलग तरह के कामों से जुड़े हुए हैं.