यह बात सुनने में लगभग नामुमकिन लगती है, लेकिन काफ़ी समय से संकेत मिलते रहे हैं कि यह दवा कोलोरेक्टल कैंसर के फैलने की आशंका को कम कर सकती है, या शायद होने से ही रोक सकती है.