करीब एक करोड़ लोग अपने काम के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निर्भर हैं. शुरुआती आकलनों के अनुसार इंटरनेट पर जारी पाबंदियों की वजह से 10 लाख से ज़्यादा नौकरियां जा चुकी हैं.