ड्रोन का मक़सद कोई बड़ा हमला करना नहीं, बल्कि दुश्मन की रक्षा व्यवस्था को थकाना और उसके बजट पर दबाव बनाना है. ईरान इसी रणनीति के तहत अपने ड्रोन कार्यक्रम में लगातार निवेश करता रहा है.