बीते अप्रैल में भी अमेरिका-ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम समझौते के बावजूद हिंसा जारी रही, जिससे मौजूदा समझौते को लेकर खाड़ी के देशों में असमंजस बना हुआ है.