व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की बैठक में उस नई गैस पाइपलाइन पर ख़ास फोकस होगा, जो हर साल 50 अरब क्यूबिक मीटर तक नेचुरल गैस चीन तक पहुंचा सकती है.