भारतीय संविधान के निर्माण में डॉ. बी.आर. आंबेडकर की भूमिका सबसे प्रमुख मानी जाती है। उन्हें संविधान का ‘मुख्य वास्तुकार’ कहा जाता है, जो उनके असाधारण विधिक ज्ञान, तार्किक क्षमता और सामाजिक दृष्टि को दर्शाता है।