विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह अपील भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी बड़े संकट की ओर इशारा कर सकती हैं. जो रुपया संघर्ष शुरू होने के समय डॉलर के मुकाबले लगभग 91 पर था, वह अब गिरकर ऐतिहासिक स्तर यानी 95 रुपये प्रति डॉलर से भी नीचे पहुंच गया है.