ईरान के अधिकारियों ने बताया कि जासूसी, दुश्मन देशों से सहयोग और सरकार विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई गिरफ़्तारियां की गई हैं. साथ ही मुक़दमे दर्ज हुए हैं और कई संपत्तियां भी ज़ब्त की गई हैं.